Chairman Message

दिनांक : 26.01.2017
प्रिय साथियों ,
गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ! मुझे आशा है कि आप अपने - अपने स्थान पर राष्ट्रीय महत्व के इस पावन पर्व को उत्साह पूर्वक मना रहे होंगे | गणतन्त्र दिवस के इस अवसर पर हम उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति नतमस्तक होते है जिन्होंने हमारे भविष्य के लिये अपने वर्तमान का बलिदान कर दिया | हम सभी बैंकर्स को ये गर्व होना चहिये कि हमें इस सेवा के माध्यम से जन सेवा का अवसर मिला है | वस्तुतः इस दायित्व की पूर्णत: पूर्ति ही हमारी अपने स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि एवं सच्ची राष्ट्र भक्ति है |
ग्रामीण बैंको ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता के शिखर को छुआ है तो वह केवल कुशल ग्राहक सेवा के बल पर | हम हमेशा ग्राहकों के सुख दुःख में भागीदार होकर एक परिवार का रूप रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से हमारे ग्राहकों द्वारा स्टाफ सदस्यों के विरुद्ध शिकायतों में निरंतर वृद्धि देखी गई है और इनमे से अधिकतर शिकायतें स्टाफ द्वारा किये जाने वाले दुर्व्यवहार को लेकर हैं, जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है | इन शिकायतों से जहाँ एक ओर बैंक की छवि धूमिल होती है वहीं साथ ही साथ इसकी जाँच एवं निवारण में हमारा बहुत सारा कीमती समय, ऊर्जा और धन भी खर्च होता है, जिन्हें हम अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए बचा सकते है | कई बार इन शिकायतों पर प्रायोजक बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक, वित्त मंत्रालय, नाबार्ड इत्यादि द्वारा कड़ा रुख अपनाने से बैंक एवं सम्बन्धित स्टाफ सदस्य को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है और कुछ मामलों में तो अनुशासनात्मक कार्यवाही का भय भी बना रहता है | 
व्यवसायिक संस्था होने के नाते हमें अपनी ग्राहक सेवा पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि अगर ग्राहक है तो बैंक है, बैंक है तो हम हैं अर्थात् हमारा अस्तित्व ही ग्राहक की संतुष्टि पर निर्भर करता है | एक बैंक कर्मचारी होने के नाते हमारे व्यवसायिक दायित्वों के साथ साथ हमें सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करना होता है ऐसे में हमारे लिये यह परम आवश्यक है कि हम अपने अन्दर किसी भी प्रकार के अहं से बचें | ग्राहक की बातों को ध्यान से सुनें एवं मधुर व्यवहार करते हुए तेजी से उचित कार्यवाही करें | ऋण आवेदन पत्रों का निपटान निर्धारित अवधि के अंदर करें | ऋणियों की ब्याज एवं प्रभारों से संबंधित शिकायतों की तुरंत जांच कर उनका निपटान करें | टाल मटोल से बचें | ऋण वितरण में किसी भी मध्यस्थ को न आने दें | परिपत्रों एवं दिशा निर्देशों का निरंतर अध्ययन करते हुए अपने बैंक एवं उत्पादों के बारे में सही सही जानकारी उपलब्ध कराएं तथा ऋण वितरण की प्रक्रिया को एकदम पारदर्शी रखें |  
यह स्मरण रखें कि संतुष्ट ग्राहक से ही हमारे व्यवसाय में वांछित वृद्धि होती है | इससे शाखा में काम करने का अच्छा माहौल बनता है | अच्छी ग्राहक सेवा के लिए सबसे जरूरी है हमारी शाखा का अनुशासन | आप सभी समय पर शाखा पहुंचे और समय पर शाखा छोड़ें | अगर किसी ग्राहक को किसी काम के लिए कोई समय देना है तो उसे अपने आगामी कार्यक्रम को मध्य नजर रख कर दें और अगर आपको अचानक निर्धारित समय पर कहीं जाना हो तो स्टाफ सदस्यों को उनके आने की सूचना दें और उन्हें अच्छी तरह सुनने के लिए कहें या फोन कर ग्राहक को अगले दिन का समय दें | अंत में मैं यही कहना चाहता हूं कि अच्छी ग्राहक सेवा का कोई विकल्प नहीं है | यह हमारी पूंजी है | इसे शाश्वत रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है |

गणतंत्र दिवस की पुनः हार्दिक शुभकामनायें |                                                                                                                            

      आपका

(डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह)

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