Chairman Message

                                                                                                                       दिनांक 01 अप्रैल 2017

साथियों,

 

प्रत्येक बीता वर्ष हमें कुछ उल्लेखनीय उपलब्धियों के साथ-साथ कुछ नई चुनौतियां भी देकर जाता है । वित्त वर्ष 2016-17 के समापन के बाद हम वर्ष 2017-18 में प्रवेश कर चुके हैं । बीते वर्ष के हमारे 20000 करोड. रूपये व्यवसाय के संकल्प के आंकड़े से हम मात्र 242 करोड. रूपये से ही पीछे रहे लेकिन बावजूद इसके प्रमुख और सामाजिक मानदण्डों में हमने उत्साह जनक वृद्धि दर्ज की है । निःसन्देह यह सब आपके अथक प्रयासों से सम्भव हो पाया है |  इसके लिये आप सभी बधाई के पात्र हैं ।

 

एस.एच.जी.बी. परिवार को यह जानकर प्रसन्नता होगी कि बैंक ने अपने समग्र जमा राशियों और कम लागत जमा राशियों के लक्ष्यों को हासिल करते हुए वित्तीय समावेशन, सामाजिक दायित्व नीति और वित्तीय साक्षरता जैसे सामाजिक उत्तरदायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाते हुए सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के क्र्रियान्वयन में बढ.-चढ. कर अपनी विस्तृत भूमिका निभाई है । भारत सरकार की वित्तीय समावेशन योजनाओं जैसे कि प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, अटल पैंशन योजना, खातों में आधार और मोबाईल सीडीग करने में आपने उत्कृष्ट कार्य किया है । अब आवश्यकता इस बात की है कि हम बचत व के.सी.सी. खातों में रूपे डेबिट कार्ड जारी करने, मोबाईल और आधार सीडिग करने की दिशा में और अधिक कार्य करके इस में निर्धारित 100 प्रतिशत लक्ष्य को शीघ्र पूरा करें ।

 

हमारी जमा राशिया 10124 करोड. रूपये से बढ. कर 18.83 प्रतिशत वृद्धि के साथ 12030 करोड. रूपये हो गई हं, वहीं कम लागत जमा राशियों में 29.87 प्रतिशत वृद्धि के साथ 5272 करोड. रूपये  से बढ. कर 6847 करोड. के आकडे. को हमने हासिल किया है । इस प्रकार से कुल व्यवसाय 15396 करोड. रूपये से बढ. कर 28.33 प्रतिशत वृद्धि के साथ 19758 करोड. रूपये हो गया है । अल्प लागत जमायें समग्र जमा राशियों का 57 प्रतिशत है । इसके साथ ही बैंक ने इस वित्तीय वर्ष में 20 नई शाखाएं खोलकर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया है । 

 

कैशलैस व्यवस्था की ओर अपने कदम आगे बढाते हुए पिछले दिनों हमारे बैंक के 15वें ए.टी.एम. का शुभारम्भ बैंक की महिला शाखा में पंजाब नैशनल बैंक के अंचल प्रबन्धक चंडीगढ़ माननीय श्री अशोक दरगन जी द्वारा किया गया । इसके अतिरिक्त हम 3 अप्रैल 2017 को अपने बैंक की दूसरी करन्सी चैस्ट की शुरूआत करने जा रहे हैं जिसका शुभारम्भ भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक श्री निर्मल चन्द जी द्वारा किया जायेगा ।

 

साथियों, अब वर्ष 2017-18 हमारे सामने है । इस वर्ष में हमारी चुनौती और हमारा केन्द्र बिन्दु अनार्जक आस्तिया एवं अनियमित खातों के अधिकाधिक समाधान करने का है । प्रथम तिमाही  हमारे लिये निर्णायक है क्योंकि इस वर्ष रबी की फसल बहुत अच्छी है तथा जहां एक ओर अधिकतम एन.पी.ए. व अनियमित खातों में वसूली करने और के.सी.सी. नवीनीकरण के लिये यह समय अनुकूल है वहीं जमा राशियों में भी वृद्धि दर्ज करने का यह सुअवसर है।

 

हमने आज ही तीन महीने के विशेष मेगा वसूली अभियान हेतू परिपत्र जारी कर दिया है, जिससे आप विषय की गम्भीरता को बडी आसानी से समझ सकते है । इस अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतू आप भी आज से ही तैयारी शुरू कर दें ।

 

साथियों, ठीक इसी प्रकार मानव संसाधन विभाग ने भी पदोन्नती प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है । हमारा प्रयास है कि हम पहली ही तिमाही में उसे पूरा कर लें । 562 नए स्टाफ सदस्यों की ज्वायनिंग का कार्य इसी माह पूरा कर लिया जायेगा । प्रबन्धन द्वारा स्टाफ सदस्यों के हितार्थ योजनाओं का पूरा ध्यान रखा गया है । वर्ष के दौरान स्टाफ गृह ऋण व कार ऋण की राशि को बढया गया है और ब्याज दरें प्रायोजक बैंक के समकक्ष की गई हैं । स्टाफ की आर्थिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत ऋण के रूप में एक सरल योजना भी लागू की गई है । सभी स्टाफ सदस्यों हेतू इन हाउस प्रशिक्षण केन्द्र के साथ साथ अन्य संस्थानों के प्रशिक्षण केन्द्रों में 1000 स्टाफ सदस्यों को प्रशिक्षण दिला कर प्रशिक्षण नीति में निहित लक्ष्यों को प्राप्त किया गया है |

 

साथियों, अब वर्ष 2017-18 की ओर देखने की आवश्यकता है । सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक की नई पहचान के साथ हमें अपने प्रमुख मानदण्डों व सामाजिक सरोकारों के अधिक ध्यानाकर्षण वाले मुख्य बिन्दुओं पर ध्यान केन्द्रित करना होगा । हमें उत्कृष्ट ग्राहक सेवा देते हुए अपने आस पास के क्षेत्रों तक पहुचॅ बनानी है और उनका विश्वास जीतना होगा, जो जमा राशि संग्रहण में हमें अच्छे परिणामों हेतू सहयोग कर सकते हं।

 

साथियों, ग्राहक सेवा में आमूलचूल सुधार की आवश्यकता है । मैने अपने गणतन्त्र दिवस के सन्देश में भी आपका ध्यान इस बात की ओर दिलाया था कि व्यवसायिक संस्था होने के नाते हमें अपनी ग्राहक सेवा पर विशेष ध्यान देना है । क्योंकि अगर ग्राहक है तो बैंक है, बैंक है तो हम हैं, अर्थात हमारा अस्तित्व ही ग्राहक की सतुष्टि पर निर्भर करता है । ग्राहक की बातों को ध्यान से सुने एवं मधुर व्यवहार करते हुए तेजी से उनका काम निपटायें । यह स्मरण रहें कि संतुष्ट ग्राहक से ही हमारे व्यवसाय में वृद्धि होती है और शाखा में काम करने का अच्छा माहौल बनता है । कुशल ग्राहक सेवा के बल पर हमारी मार्केटिंग की आवश्यकता बहुत कम हो जाती है क्योंकि हमारे संतुष्ट ग्राहक ही हमारे ब्रांड एम्बेसडर बनकर बैंक की सेवाओं की स्थान-स्थान पर प्रशंसा कर मार्केटिंग के प्रयोजन को पूरा कर देते हैं और अन्य ग्राहकों को भी हमसे जोड़कर सहायक सिद्ध होते हैं | अतएव बेहतर ग्राहक सेवा पर विशेष ध्यान दें |

 

मेरा मानना है कि हर ईकाई अपने आप में अति महत्वपूर्ण है । हर ईकाई अपने आप को बैंक हेतू महत्वपूर्ण माने भी, और कर्तव्य परायणता से अपनी भूमिका का निवर्हन करते हुए उसे बैंक की उत्पादकता के लिये प्रभावी बनाकर देश के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंको में सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक को अव्वल बनाने में अपना योगदान दें ।

 

नवरात्रों की शुभकामनाओं सहित,

                                                                                                                        आपका,

 

                                                                                                            (डा. मानवेन्द्र प्रताप सिहॅ)

 

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