Chairman Message

                                                                                                                                            01.09.2018

मेरे प्रिय साथियो,

 

हिन्दी राजभाषा होने के साथ-साथ, हमारे मान-सम्मान, गौरव की प्रतीक, हमारे हृदयवासिनी, हमारी मातृभाषा है। हिन्दी हमारी राष्ट्रीय एकता, अखण्डता एवं सांस्कृतिक सम्पन्नता को प्रतिष्ठापित करती है। बहुसांस्कृतिक, बहुधर्मी, बहुभाषी, विशाल भारतवर्ष को एकता के सूत्र में पिरोये रखने की क्षमता हिन्दी में ही है। हिन्दी की इसी महत्त्वपूर्ण भूमिका के दृष्टिगत संविधान सभा ने 14 सितम्बर, 1949 के दिन हिन्दी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। समूचा                                                             राष्ट्र इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रतिवर्ष 14 सितम्बर का दिन ‘हिन्दी दिवस’ के रूप में एवं सितम्बर माह को ‘हिन्दी                                                           माह’ के रूप में मनाता है। राष्ट्रभाषा हिन्दी को समर्पित हिन्दी दिवस के पावन अवसर पर मैं आप सबको हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।

हम हिन्दी भाषी क्षेत्रवासियों के लिये हिन्दी के बिना भावनाओं की सहज अभिव्यक्ति कठिन है। इसके अतिरिक्त संवैधानिक दृष्टि से भी यह आवश्यक है कि हम सभी स्तरों पर राजभाषा नीति की अपेक्षाओं को समझें और उन्हें क्रियान्वित करें। भारत सरकार की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन हेतु निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये विगत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी हमारा बैंक सितम्बर माह को ‘हिन्दी माह’ के रूप में मना रहा है। हिन्दी को समर्पित सितम्बर माह में आप सबसे अपेक्षा है कि हिन्दी का प्रयोग बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम/गतिविधियाँ आयोजित करें। पूरे माह अधिक से अधिक तथा 14 सितम्बर को समस्त कार्य हिन्दी में करें। सूचनापट्ट पर “आज का विचार”, “आज का शब्द” और हिन्दी के प्रयोग पर ‘आदर्श वाक्य’ प्रदर्शित करें। बैठकों, गोष्ठियों के माध्यम से हिन्दी के प्रति ऐसा वातावरण विकसित करें कि समस्त कर्मचारी वर्ग हिन्दी में कार्य करने में गौरव अनुभव करे।

वर्तमान में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये सरकारी स्तर पर सार्थक प्रयास जारी हैं। हिन्दी को विश्वव्यापी बनाने हेतु ‘डॉट भारत’ डोमेन का उपयोग होने लगा है। अब कम्पयूटर एवं मोबाइल में हिन्दी लिखना बहुत सरल हो गया है। हम हिन्दी भाषी क्षेत्र में सेवायें दे रहे हैं। ग्राहक से उसकी भाषा में बात करना, उसकी भाषा में पत्र व्यवहार करना उसके और हमारे दोनों  के लिये सुविधाजनक है। इससे ग्राहक का विश्वास एवं अपनत्व हमें मिलता है जिससे व्यवसाय विकास की राहें खुलती हैं। बैंकिंग में हमारे निर्धारित लक्ष्य हर समय हमारे जेहन में रहते हैं और वर्तमान में हमारी मुख्य प्राथमिकताएं- अच्छे ऋण प्रस्तावों का सृजन, वसूली के वृहद प्रयासों से अनर्जक आस्तियों पर नियन्त्रण एवं ‘कासा’ जमाओं में वृद्धि करना हैं। यह हम अपने ग्राहकों के दिलों पर दस्तक देकर ही कर सकते हैं और भाषा इसका एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण माध्यम है।

मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप अपने राष्ट्रभाषा प्रेम को मूर्त रूप देते हुए हिन्दी में कार्य करने को अपनी आदत का हिस्सा बनायेंगे। अपने बैंक को प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिष्ठा दिलाने में पूर्ण उत्साह से जुटे मेरे सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक परिवार के सदस्य मातृभाषा हिन्दी को अपने दैनिक बैंकिंग कार्य-व्यवहार में प्रयुक्त कर गौरवान्वित करेंगे। हमारे बैंक के लिये नया सूत्र वाक्य है ‘सर्व सम्मान-सर्व उत्थान’! और बेटियों के लिये बैंक ने अधिक ब्याज दर के साथ सावधि जमा योजना शुरू की है ‘म्हारी लाडो’! मातृभाषा की महक से महकते ये शब्द हमारी प्रतिबद्धताओं की झलक हैं। हमें इस झलक को पूर्ण परिदृश्य में बदलते हुए विकास की एक नयी गाथा लिखनी है अपने निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के माध्यम से।

मेरी पूरी टीम, पूरी लगन, तत्परता, निष्ठा व पारदर्शिता से कार्य करते हुए अपने बैंक को ‘सर्व सम्मान-सर्व उत्थान’ का पर्याय बनाकर उपलब्धियों के नये शिखर देगी इसी आशा के साथ मैं पुनः आप सभी को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनायें देता हूँ।

                                                                                                                                                                                   आपका शुभाकांक्षी,

                                                                                                                                                                                  (अरूण कुमार नन्दा)

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