Chairman Message

अध्यक्षीय  सन्देश

       

 

 

दिनांक: 07.04.2018

 

मेरे प्रिय साथियो,

वर्ष 2017-18 के लिये मुख्य व्यावसायिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये हार्दिक बधाई तथा अन्य मानदण्डों में शानदार उपलब्धियों के लिये आप सब का हार्दिक अभिनन्दन। हमारी पूरी एसएचजीबी टीम ने निष्ठा एवं लगन से बेहतरीन कार्यनिष्पादन किया है जिसके लिये मैं पूरी SHGB टीम की प्रशंसा करता हूँ। इस वर्ष के हमारे परिणामों (अनऑडिटेड) के अनुसार हमने जमा राशियों, ऋण राशियों, कुल व्यवसाय, लाभ, ऋण जमा अनुपात, प्राथमिकता क्षेत्र कृषि ऋण, प्रति शाखा उत्पादकता, प्रति कर्मचारी उत्पादकता, प्रति कर्मचारी लाभ, शाखायें खोलने, ऋण वितरण एवं कृषि क्षेत्र में नये ऋण वितरण के लक्ष्यों की प्राप्ति की है। प्राइम डिपाजिट एवं एनपीए के लक्ष्यों में हमारी प्राप्ति हालांकि लक्ष्यों से कम रही पर हम इन दोनों मानदण्डों में भी बेहतर स्थिति में हैं और मुझे पूरा-पूरा विश्वास है कि वर्ष 2018-19 में पूरी SHGB टीम सभी मानदण्डों में लक्ष्यों को उचित अन्तर से पार करेगी।

साथियो, इस वर्ष जमाओं में हमारी वार्षिक वृद्धि दर 16.18 प्रतिशत, ऋणों में 12.68 प्रतिशत और कुल व्यवसाय में 14.03 प्रतिशत रही है। 261896 ग्राहकों को 8741 करोड़ के नये ऋण आवंटित किये गये। इस वर्ष 20 नयी शाखायें खोलने के लक्ष्य के सापेक्ष हमने 23 शाखायें खोली। PMJDY में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन करते हुए 93.08% खातों में आधार सीडिंग तथा 98.89% में एटीएम कार्ड जारी किये जा चुके हैं। कुल ऑपरेटिव बचत खातों में से 82.58% में आधार सीडिंग, 79.97% में मोबाइल सीडिंग एवं 65.07% में आधार ऑथंटिकेशन हो चुका है। हमारे 77521 ग्राहक PMJJBY एवं 323261 PMSBY से जुड़े हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 3.87 लाख खाताधारक हमारे बैंक के माध्यम से पेंशन सुविधा ले रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत सरकार की प्राथमिकताओं को देखते हुए सभी ऑपरेटिव खातों में आधार, मोबाइल एवं एटीएम कार्ड देने के शत-प्रतिशत लक्ष्यों की प्राप्ति हम जून 2018 तक कर लेंगे।

इस वर्ष हमने डिजिटिलाईजेशन की दिशा में अनेक कदम उठाते हुए e-Commerce, IMPS, Mobile banking (IBFT/NEFTIMPS/Bill desk), Huda Utility Payment सफलतापूर्वक लागू किये। सभी जिला केन्द्रों पर स्थित मुख्य शाखाओं को CTS से जोड़ा गया। चालू वर्ष में हमारा लक्ष्य प्रीमियम खाताधारकों को IMPS, Mobile banking से जोड़ना रहेगा। हम 653 बैंक शाखाओं एवं 545 से अधिक बीसीए के साथ पूरे प्रदेश में डोर स्टेप बैंकिंग को साकार कर रहे हैं। इस वर्ष 100 बैंक सखियों के बीसीए के रूप में तैनात करने की परियोजना को हमने पूरा किया।

शाखाओं में बेहतर कार्य वातावरण सृजित करने के लिये इस वर्ष 47 शाखाओं का नवीनीकरण किया गया। सामाजिक नैग्मिक दायित्वों की पूर्ति करते हुए पूरे प्रदेश में समाज कल्याण को समर्पित विभिन्न संस्थाओं को पंखे, वाटर कूलर, जनरेटर सेट, बेड, डस्टबिन आदि भेंट  किये। जन जागरण हेतु वृक्षारोपण, खेल, योग, स्वच्छता एवं रक्तदान अभियान चलाये तथा सांस्कृतिक आयोजनों में सहयोग दिया। हमारे योगदान को भरपूर सराहा भी गया। वित्तीय साक्षरता के मामले में हमारी टीम हमेशा अव्वल रही है। इस बार भी 5024 गोइंग डिजिटल एवं 1959 वित्तीय साक्षरता शिविरों का आयोजन किया गया। हमारी बैंकिंग टीम कें साथ-साथ हमारे 28 वित्तीय साक्षरता

कक्ष एवं 545 से अधिक बीसीए इस कार्य में लगे हुए हैं। हमारे सभी बीसीए माइक्रो एटीएम से लैस हैं और अन्य बैंकों के एटीएम धारकों को भी बैंकिंग सेवायें उपलब्ध करवा रहे हैं।

वित्तीय वर्ष 2017-18 में हमने सभी ग्रामीण बैंकों से पहले प्रोन्नति प्रक्रिया को पूरा किया। स्टाफ से सम्बन्धित आंकड़ों और सुविधाओं को ऑन लाइन करते हुए मानव संसाधन विभाग ने HRMS सुविधा लागू की। नयी भर्तियाँ तेजी से की गयी। स्टाफ को अधिक सक्षम व दक्ष बनाने, नवीनतम बैंकिंग व तकनीक के साथ अपडेट रहने के लिये वर्ष भर अपने प्रशिक्षण केन्द्रों एवं अन्य महत्त्वपूर्ण संस्थानों पंचकुला, लखनऊ, मुम्बई, हैदराबाद, पुणे आदि में प्रशिक्षण दिलवाये गये।

निरीक्षण एवं अंकेक्षण में हमारी शाखाओं ने अनियमितताओं  को दूर कर रिपोर्ट बंद करवाने में जो तत्परता दिखाई वह प्रशंसनीय है। सिर्फ 8 शाखायें हैं जिनकी निरीक्षण रिपोर्ट एक महीने से अधिक लम्बित हैं। मैं उम्मीद करता हूँ कि इस गति को बनाये रखा जायेगा। अनियमितता की तुरन्त पहचान एवं निपटान हेतु इस वर्ष बैंक में सेवानिवृत मुख्य प्रबन्धकों की सेवायें Concurrent Auditors के रूप में लेने की योजना लागू की गयी।

एनपीए वसूली में हमने अच्छा कार्य किया। वसूली एजेंसियों, बैंक सखियों की सेवायें ली गयी। एनपीए खातों में ओटीएस व अनियमित खातों में दण्डात्मक ब्याज छूट की शक्तियाँ शाखा प्रबन्धकों को दी गयी। इससे वसूली में अच्छे परिणाम सामने आये। वर्ष 2016-17 में एनपीए वसूली 116.10 करोड़ रूपये थी जो 2017-18 में बढ़कर 235.35 करोड़ हुई। हमारे 7 क्षेत्रीय कार्यालयों में सिस्टम एनपीए लागू हो चुका है तथा जून तक हमारे सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में यह लागू हो जायेगा। चालू वर्ष में हमें अपने वसूली प्रयासों को और अधिक तेज करना है। सौभाग्य से इस बार रबी की फसल अच्छी हुई है और हमने अपने समग्र प्रयासों से इसका भरपूर लाभ एनपीए वसूली में लेना है।

बैंकिंग परिदृश्य में हमारी प्रभावी उपस्थिति दिखाई देती है। इस वर्ष दो बार नाबार्ड अध्यक्ष ने हमारे कार्यक्रमों में सहर्ष शिरकत की। भारतीय रिजर्व बैंक एवं प्रायोजक बैंक से उच्चाधिकारी समय-समय पर हमारे विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े, जिससे हमारी पूरी टीम का मनोबल बढ़ा। ईस्ट तिमोर से एक प्रतिनिधिमण्डल बैंक के तीन दिवसीय दौरे पर वित्तीय समावेशन एवं बैंकिंग कार्यों  में मार्गदर्शन लेने आया। यह हम सबके लिये हार्दिक प्रसन्नता एवं गर्व का विषय है कि हमारी पहचान, हमारी इमेज सार्वजनिक मंचों एवं जन गण मन में अधिक सुन्दर-सुदृढ़ हुई है।

साथियो, मेरा मानना है कि मेहनत से अर्जित उपलब्धियाँ खुशी के साथ-साथ हमारे आत्मविश्वास में भी वृद्धि करती हैं जिनसे प्रेरित होकर हम तत्काल नये लक्ष्यों की ओर उन्मुख होते हैं। बीते वर्ष के उत्कृष्ट परिणाम चालू वर्ष में हमारे मार्गदर्शक एवं प्रेरक बनकर हमें उपलब्धियों के नये सोपान तय करने को प्रोत्साहित करते रहेंगे। एनपीए वसूली एवं कासा डिपाजिट पर हमारा मुख्य फोकस रहेगा। ग्राहकांे से मधुर व्यवहार और समय पर कार्य निपटान हमारे लिये सफलता का मार्ग प्रशस्त करेंगे। आप सभी से अपेक्षा है कि आप अपनी पूरी ऊर्जा से सकारात्मक लगन तथा तत्परता से कार्य करते हुए बैंक को उपलब्धियों  के नित नये शिखर देंगे।

नव वित्तीय वर्ष की शुभकामनाओं के साथ पुनः हार्दिक बधाई।

आपका,

डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह

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